Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने के उपाय ( How to Prevent Vomiting in Children)
बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पीने के बाद उलà¥à¤Ÿà¥€ होना मतलब बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है। उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने की कोशिश कà¤à¥€ न करें। उलà¥à¤Ÿà¥€ को रोकने पर बचà¥à¤šà¥‡ को छाती में घà¥à¤Ÿà¤¨ हो सकती है जो उसके लिठखतरनाक हो सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ की उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ रोकना आपके बस में नहीं है और रोकने की कोशिश करनी à¤à¥€ नहीं चाहिà¤à¥¤ लेकिन अगर बचà¥à¤šà¤¾ अधिक उलà¥à¤Ÿà¥€ करता है तो इन तरीकों के जरिये इसे कम जरूर कर सकते हैं।
-बचà¥à¤šà¥‡ को केवल सही समय पर और उचित मातà¥à¤°à¤¾ में ही à¤à¥‹à¤œà¤¨ या दूध दें। जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम न दें।
-बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• साथ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फीड कराने या à¤à¥‹à¤œà¤¨ कराने के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर उसे थोड़ा-थोड़ा ही खाना दें।
-यदि शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बाद दूध उलटता है, तो उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार-बार डकार दिलाà¤à¤‚।
-यदि शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बोतल में निपà¥à¤ªà¤² का छेद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़ा न हो।
-दूध पीने के ठीक बाद शिशॠको अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर न उछालें, उछलने वाली कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर न बिठाà¤à¤‚ या बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ न होने दें। à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पेट में समायोजित होने के लिठसमय चाहिठहोता है। खाना खाने के बाद आधे घंटे तक शिशॠको सीधा रखने से मदद मिल सकती है।
-समय-समय पर थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या à¤à¥‹à¤œà¤¨ करवाने से कई बार उलà¥à¤Ÿà¥€ कम करने में मदद मिल सकती है। आप à¤à¥€ यह आजमाकर देख सकती हैं।
-बचà¥à¤šà¥‡ को खाना खिलाने के 30 मिनट बाद तक सीधे बिठा कर रखें।
-अगर आप बचà¥à¤šà¥‡ को ठोस आहार दे रही हैं तो धीरे-धीरे खिलाà¤à¤‚। छह माह के बाद अकà¥à¤¸à¤° जब आप बचà¥à¤šà¥‡ को ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥ करते हैं तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में बचà¥à¤šà¥‡ उलà¥à¤Ÿà¥€ कर सकते हैं।
-à¤à¤• साथ पूरा खाना न खिलाà¤à¤‚। थोड़ा-थोड़ा करके खिलाà¤à¤‚।
-चलती कार में सफर के दौरान होने वाली मिचली को कम करने के लिà¤, बीच-बीच में कई बार रà¥à¤•ें, ताकि शिशॠको ताजा हवा मिल सके और उसके पेट को आराम मिले। यदि शिशॠठोस आहार खाता है तो उसे यातà¥à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥ करने से पहले थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में सेहतमंद सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ दें। पेट थोड़ा à¤à¤°à¤¾ होने से मदद मिलेगी। साथ ही उसके शरीर में जल की मातà¥à¤°à¤¾ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ दें।
-बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हमेशा आरामदायक कपड़े ही पहनाठऔर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखे कि डायपर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट न हो। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट कपड़ों से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गरà¥à¤®à¥€ हो सकती है जिसकी वजह से वह उलà¥à¤Ÿà¥€ कर सकता है।
-खाना खिलाने के बाद शिशॠको डकार अवशà¥à¤¯ दिलवाà¤à¤‚। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों में यह बेहद जरूरी होता है।
-शिशॠको खाना खिलाने के बाद कम से कम आधे घंटे तक सीधा रखें और उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हंसाये à¤à¥€ नहीं।
-खाना खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद और सोते समय à¤à¥€ शिशॠको पेट के बल न लिटाये।
-अपने शिशॠको खाना खाने के बाद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिलाठनहीं।
-शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराते समय उसकी पोजिशन को सही रखें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने के घरेलू उपाय (Home Remedies for Vomiting in Children)
आम तौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उलà¥à¤Ÿà¥€ से निजात पाने के लिठलोग सबसे पहले घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–़ों को ही आजमाते हैं। यहां हम पतंजली के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पारित कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे जिनके पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का उलà¥à¤Ÿà¥€ होना रोका जा सकता है।
अनार का रस बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद
जब बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हों तो उसे नींबू का रस और अनार का रस मिलाकर पिलाà¤à¤‚। इससे उलà¥à¤Ÿà¥€ बंद हो जाती है। चाहे तो इसमें शहद à¤à¥€ मिला सकती हैं।
नींबू बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद (Benefit of Lemon to Get Relief from Vomiting in Children in Hindi)
जब बचà¥à¤šà¥‡ को गरà¥à¤®à¥€ लग जाने की वजह से उलà¥à¤Ÿà¥€ हो रही हो तो à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़े से पानी में नमक और नींबू का रस मिलाकर पिलाà¤à¤‚। यह घोल बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में दो से तीन बार पिलाà¤à¤‚ उससे अधिक न दें।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद (Onion Beneficial to Get Relief from Vomiting in Children in Hindi)
यदि बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› पच नहीं रहा हो तो आप पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को कदà¥à¤¦à¥‚कस करके उसका रस बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में दो से तीन बार दे। इससे उलà¥à¤Ÿà¥€ बंद हो जाती है।
अदरक बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद (Ginger Beneficial to Get Relief from Vomiting in Children in Hindi)
छोटे बचà¥à¤šà¥‡ अदरक खाना पसंद नहीं करते हैं। इसलिठआप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अदरक वाली चाय दे सकते हैं। इससे उनका जी मिचलाना बंद हो जाà¤à¤—ा और वे खाने-पीने à¤à¥€ लगेंगे। इससे पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ बेहतर होती है।
चावल का पानी बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद (Rice Water Beneficial to Get Relief from Vomiting in Children in Hindi)
उलà¥à¤Ÿà¥€ यदि गैस के कारण हो रही है तो उसे उबले हà¥à¤ चावल का पानी पिलाà¤à¤‚। दिन में तीन बार दो से तीन चमà¥à¤®à¤š चावल का मांड पिलाà¤à¤‚। इससे बचà¥à¤šà¥‡ का उलà¥à¤Ÿà¥€ आना बंद होने लगता है।
इलायची बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद (Cardamom Beneficial to Get Relief from Vomiting in Children in Hindi)
इलायची के बीजों को तवे पर à¤à¥‚नकर चूरà¥à¤£ बना लें। इसके बाद इस चूरà¥à¤£ को लगà¤à¤— 2-2 गà¥à¤°à¤¾à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ में शहद के साथ मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में 3 बार चटाà¤à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आना धीरे-धीरे बंद होने लगता है।
धनिया का मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ काढ़ा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद (Coriander Beneficial to Get Relief from Vomiting in Children in Hindi)
धनिया, सौंफ, जीरा, इलायची तथा पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ सà¤à¥€ को समान मातà¥à¤°à¤¾ में लेकर पानी में à¤à¤¿à¤—ो दें। इसके बाद जब ये सारी चीजें फूल जाà¤à¤‚ तो इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पानी में ही मसल लें और इस पानी को छान लें। इसके बाद इस पानी को बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में तीन से चार बार पिलाà¤à¤‚। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ होना बंद हो जाà¤à¤—ा।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद (Tulsi Beneficial to Get Relief from Vomiting in Children in Hindi)
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के ताजे पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ं का à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š रस निकालकर उसमें शहद मिलाकर पिलाने से राहत मिलती है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤? (When to See a Doctor?)
यदि आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करने में देर नहीं करनी चाहिà¤-
-मà¥à¤‚ह सूखने लगना, आंसूओं की कमी, धंसे हà¥à¤ कलांतराल, सà¥à¤¸à¥à¤¤ या ढीला-ढीला-सा लगना और सामानà¥à¤¯ की अपेकà¥à¤·à¤¾ कम गीली नैपी (à¤à¤• दिन में छह नैपियों से कम) होने पर निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) का संकेत।
-बà¥à¤–ार।
-दसà¥à¤¤ (डायरिया)।
-सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने से मना करना।
-12 घंटे से अधिक समय तक उलà¥à¤Ÿà¥€ करना, या अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• बल के साथ उलà¥à¤Ÿà¥€ करना।
-à¤à¤¸à¤¾ रैश (चकतà¥à¤¤à¤¾) जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ को दबाने पर à¤à¥€ हलà¥à¤•ा न पड़े।
-उनींदापन और बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिड़चिड़ापन।
-सांस की कमी।
-पेट में फà¥à¤²à¤¾à¤µà¤Ÿ या सूजन।
-मल में खून आना।
-उलà¥à¤Ÿà¥€ में खून या पितà¥à¤¤ (गहरा पीला या हरा पदारà¥à¤¥)।
-दूध पीने के आधे घंटे के अनà¥à¤¦à¤° नवजात शिशॠदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लगातार बहà¥à¤¤ बल के साथ उलà¥à¤Ÿà¥€à¥¤
-वजन घटना या उचित वजन न बढ़ना।
| --------------------------- | --------------------------- |